पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी पर सोनिया गांधी ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी।

सोनिया गांधी ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि कोरोना वायरस के संकट से जूझ रहे देश के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार 10वें दिन हुई बढ़ोत्तरी का फैसला असंवेदनशील है.

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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार 10वें दिन हुई बढ़ोत्तरी पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर वापस करने की मांग की है. सोनिया गांधी ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के संकट से जूझ रहे देश के लिए यह फैसला असंवेदनशील है. सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार लोगों को फायदा पहुंचाने का कोई काम नहीं कर रही है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा, ‘मैं मार्च से शुरू हुए इस कठिन के समय के बीच सरकार ने पूरी तरह से एक असंवेदनशील निर्णय लेते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है. वो भी 10 बार. उन्होनें कहा कि सरकार को 2.6 लाख करोड़ रुपये कमान के लिए पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की किसी ने गलत सलाह दी है.

गौरतलब है कि तेल कंपनियों द्वारा मंगलवार को पेट्रोल का दाम 47 पैसे और डीजल का दाम 93 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिया गया. यही नहीं ATF यानी विमान ईंधन के दाम में भी 16.3 प्रतिशत की वृद्धि की गई. पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार 10वें दिन वृद्धि की गई है. दिल्ली में पेट्रोल का दाम 47 पैसे बढ़कर 76.73 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल का दाम 93 पैसे बढ़कर 75.19 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया.

जब प्रधानमंत्री देश के लोगों के आत्मनिर्भर होने की उम्मीद करते हैं तो ऐसे संकट के समय लोगों पर वित्तीय बोझ डालना उचित नहीं है।

मौजूदा COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई के दौरान भारत को स्वास्थ्य संबंधी, आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

मुझे इस बात की पीड़ा है कि ऐसे मुश्किल समय में सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का असंवेदनशील निर्णय लिया।

ऐसे समय सरकार के इस फैसले का कोई औचित्य समझ नहीं आता जब देश के करोड़ों लोगों की नौकरियां चली गई हैं, उनके सामने जीविका का संकट खड़ा है, छोटे, मध्यम एवं बड़े कारोबार बंद हो रहे हैं और किसानों को भी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले कुछ दिनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में करीब नौ फीसदी की कमी आई, लेकिन सरकार मुश्किल के समय लोगों को इसका लाभ देने के लिए कुछ नहीं कर रही है।

मैं आपसे आग्रह करती हूं कि बढ़ोत्तरी को वापस लिया जाए और कच्चे तेल की कम कीमत का लाभ सीधे देश के नागरिकों को दिया जाए।

अगर आप लोगों के आत्मनिर्भर होने की उम्मीद करते हैं तो आगे बढ़ने के उनके रास्ते में वित्तीय अवरोध मत खड़ा करिए।

मैं फिर से कह रही हूं कि जो लोग मुश्किल का सामना कर रहे हैं उनके हाथों में सीधे पैसे दीजिए।

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