हरियाणा सरकार ने जारी की नई परिवहन स्थानांतरण नीति, खत्म होगी ट्रांसफर में घूसखोरी

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हरियाणा सरकार की लोकप्रिय अध्यापक स्थानान्तरण नीति की तर्ज पर हरियाणा के आठ विभाग और अपने-अपने काडरों के कर्मचारियों के लिए तैयार की गई आनॅलाइन स्थानान्तरण नीति के प्रारुप को सुझाव आमंत्रित करने के लिए अगले सप्ताह अपनी-अपनी वैबसाइट पर लगा देंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल 15 अप्रैल को 500 या इससे अधिक स्टेट काडर पदों की संख्या वाले विभागों के लिए ऑनलाइन स्थानांतरण नीति का शुभारंभ करेंगे।

यह निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इन आठ विभागों के सचिवों एवं विभाग अध्यक्षों की आयोजित एक बैठक में लिया गया। इन विभागों में जेल, लोक निर्माण (भवन एवं सडंके), परिवहन, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण, वन विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा विकास एवं पंचायत विभाग शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने 500 या इससे अधिक स्टेट काडर पदों की संख्या वाले विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों को इस पारदर्शी ऑनलाइन स्थानांतरण नीति के प्रारूप पर कर्मचारियों, विधायकों, सांसदों से सुझाव आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए हैं।

प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस नीति के तहत चालकों, परिचालकों, उप-निरीक्षकों, निरीक्षकों और लिपिकों को किसी भी समय प्रदेश में कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकेगा। सामान्य स्थानान्तरण दिए गए वर्ष के लिए सरकार द्वारा अधिसूचित समय सारिणी के अनुसार वर्ष में केवल एक बार किए जाएंगे। हालांकि, पदोन्नति या सीधी भर्ती के मामले में, जनहित में भरे जाने वाले पदों का स्थानान्तरण या नियुक्ति किसी भी समय की जा सकती है। इसके अलावा, हरियाणा सरकार या भारत सरकार के विभागों या संगठनों के कर्मचारियों के पति-पत्नी का स्थानांतरण भी अनुरोध पर किसी भी समय किया जा सकता है।

यह स्थानांतरण नीति वर्ष 2018-19 से लागू होगी और यह एच.आर.एम.एस. में डाटा दर्ज करके ऑनलाइन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से लागू की जाएगी। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने आज यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सामान्य स्थानांतरण दिए गए वर्ष के लिए सरकार द्वारा अधिसूचित समयसारिणी के अनुसार वर्ष में केवल एक बार किए जाएंगे।

परिवहन मंत्री ने बताया कि रिक्ति के लिए आवंटन का निर्णय किसी कर्मचारी द्वारा निर्धारित 78 अंकों में से अर्जित कुल संयुक्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। अधिकतम अंक अर्जित करने वाला कर्मचारी किसी विशेष रिक्ति के खिलाफ स्थानांतरण का हकदार होगा। रिक्त पदों के मुकाबले कर्मचारियों के दावे को तय करने के लिए आयु प्रमुख कारक होगी, क्योंकि इसमें कुल 78 अंकों में से 58 अंकों की वरीयता होगी। हालांकि, महिलाओं, विधवाओं, विधुरों, विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों, गंभीर बीमारी से ग्रस्त कर्मचारियों तथा लक्ष्य के अनुरूप प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों का ध्यान रखते हुए, इन श्रेणियों के कर्मचारियों द्वारा अधिकतम 20 अंकों का विशेष लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि ‘डिजीज ऑफ डेबीलिटेटिंग डिस्आर्डर’ की श्रेणी के तहत मेरिट अंकों के लिए केवल अधिसूचित बीमारियों पर विचार किया जाएगा। यदि पति और पत्नी दोनों एक ही डिपो में काम कर रहे हैं, तो 10 अंकों के लाभ का दावा उनमें से केवल एक के द्वारा ही किया जा सकता है।

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