ऐसे बचा जा सकता है निपाह वायरस से

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NIPAH

देश में निपाह वॉयरस की दस्तक से पूरे भारत में हड़कंप मच गया है। खासकर दक्षिण भारत में इस वायरस की वजह से काफी लोगों प्रभाव पड़ा है। करीब तीन लोगों की इस वायरस की वजह से मृत्यु हो गई है और 25 लोगों के वायरस से ग्रसित होने की सूचना है। निपाह से निपटने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर वायरस को ख़त्म करने के लिए काम कर रहे हैं। केंद्र ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को आनन फानन में डॉक्टरों की एक टीम तैयार करने के लिए कहा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के मुताबिक डॉक्टरों की ये टीम नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के निदेशक के तहत कार्य करेगी। उनके मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय केरल के स्वास्थ्य विभाग के साथ संपर्क में है।

बता दें निपाह वायरस एक तरह की संक्रमित रोग है, जो कि एक चमकादड़ के द्वारा खाए गए फलों और फिर व्यक्तियों में फैलता है। इससे व्यक्ति की मौत हो सकती है। चिंता की वजह यह है कि निपाह के इलाज के लिए अब तक किसी सटीक इलाज की खोज नहीं हो सकी है अभी तक इस खतरनाक निपाह वायरस का इलाज खोजा नहीं जा सका है। गौरतलब है इसी वजह से मलेशिया में निपाह वायरस से संक्रमित करीब 50 फीसद लोगों की मौत हो गई। हालांकि प्राथमिक तौर पर इसका कुछ इलाज संभव है। हालांकि रोग से ग्रस्त लोगों का इलाज मात्र रोकथाम है। इस वायरस से बचने के लिए फलों, खासकर खजूर खाने से बचना चाहिए। पेड़ से गिरे फलों को नहीं खाना चाहिए। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। इसे रोकने के लिये संक्रमित रोगी से दूरी बनाए रखने की जरूरत होती है। मरीज का देखभाल वायरस से ठीक करने का एकमात्र तरीका है। संक्रमित जानवर खासकर सुअर को हमेशा अपने से दूर रखें।

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