पी चिदंबरम को मिली जमानत, गुरुवार को संसद सत्र में भी हिस्सा ले सकेंगे

सर्वोच्च न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग (INX Media Case) मामले में बुधवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जमानत दे दी.

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पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सर्वोच्च न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग (INX Media Money Laundering Case) मामले में बुधवार को पूर्व वित्त मंत्री को जमानत दे दी.

पी चिदंबरम गुरुवार को संसद सत्र में भी हिस्सा ले सकते हैं. इसकी जानकारी उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने दी है. इस बीच राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने Tweet कर कहा कि उम्मीद है कि चिदंबरम अपनी बेगुनाही साबित करेंगे. राहुल गांधी ने Tweet किया, ‘पी चिदंबरम को 106 दिन कैद में रखना बदला लेने जैसा था. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है, जिसकी मुझे खुशी है. मुझे भरोसा है कि निष्पक्ष सुनवाई में वह अपनी बेगुनाही साबित करेंगे.’

पी चिदंबरम के बेटे कार्ति ने कहा कि वह गुरुवार को 11 बजे संसद में आएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पी चिदंबरम बिना मंजूरी के यात्रा नहीं कर सकते और जब भी जरूरत हुई पूछताछ के लिए आना होगा. इसके साथ ही कोर्ट ने मीडिया में उनकी ओर से किसी भी तरह के बयान देने पर भी रोक लगा दी है.

74 वर्षीय कांग्रेस नेता 21 अक्टूबर से हिरासत में थे. उन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार (INX Media Money Laundering Case) मामले में गिरफ्तार किया था. प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 16 अक्टूबर को धनशोधन के आरोप में गिरफ्तार किया था. न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश राय की पीठ ने पूर्व वित्त मंत्री को जमानत देने से इनकार करने संबंधी दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला खारिज कर दिया. पीठ ने कहा कि चिदंबरम को दो लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि की दो जमानतें पेश करने पर रिहा किया जाए. प्रवर्तन निदेशालय ने न्यायालय में दलील दी थी कि धन शोधन के मामले में एक गवाह चिदंबरम का सामना करने के लिये तैयार नहीं हैं, क्योंकि दोनों एक ही राज्य के हैं.

प्रवर्तन निदेशालय की इस दलील के बारे में न्यायालय ने कहा कि इसके लिए चिदंबरम को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, जबकि ऐसी सामग्री सामने नहीं है जिससे यह संकेत मिलता हो कि उन्होंने या उनकी ओर से किसी ने गवाह को ‘रोका या धमकी दी’ थी.

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