राजकीय सम्मान के साथ हुआ सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार, PM मोदी सहित कई बड़े नेता रहे मौजूद

सुषमा स्वराज का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी ने उनके अंतिम संस्कार के रीति रिवाज पूरे किए.

0
300

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) पंचतत्व में विलीन हो गईं. लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में बीजेपी की वरिष्ठ नेता का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी ने उनके अंतिम संस्कार के रीति रिवाज पूरे किए.

इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi), लाल कृष्ण आडवाणी (LK Advani), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah), राजनाथ सिंह (Rajnath Singh), लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला (Om Birla), जेपी नड्डा (JP Nadda) सहित बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता लोधी रोड शवदाह गृह में मौजूद रहे. इसके अलावा सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, रामदास अठावले, मनोहर लाल खट्टर, शरद यादव सहित कई नेता मौजूद थे. इससे पहले सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बीजेपी मुख्यालय में रखा गया था.

सुषमा स्वराज का मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. वह 67 वर्ष की थीं. पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मंगलवार रात तबीयत बिगड़ने के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था. BJP की वरिष्ठ नेता का 2016 में गुर्दा प्रतिरोपित किया गया था और स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था. नौ बार सांसद रहीं सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) आम लोगों मे अपार लोकप्रिय थीं. सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित लगभग सभी नेताओं ने शोक जताया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर मंगलवार को गहरा दुख व्यक्त किया था और कहा था कि भारतीय राजनीति के एक गौरवशाली अध्याय का अंत हो गया. पीएम मोदी ने स्वराज के निधन को ‘व्यक्तिगत क्षति’ बताया. मोदी ने ट्वीट किया, ‘असाधारण नेता के निधन से भारत शोकाकुल है.’ उन्होंने कहा कि वह भूल नहीं सकते कि कैसे पूर्व विदेश मंत्री बिना थके काम करती थीं. पीएम मोदी ने कहा, ‘यहां तक कि जब उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था तब भी वह अपने काम के साथ न्याय करने के लिए जो कर सकती थीं करती थीं और अपने मंत्रालय के मसलों से वाकिफ रहती थीं.’

BJP की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का 2016 में गुर्दा प्रतिरोपित किया गया था और स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था. नौ बार सांसद रहीं सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) आम लोगों मे अपार लोकप्रिय थीं. उनको Twitter पर एक करोड़ 20 लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं. वे दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं. बता दें कि सुषमा स्वराज साल 1977 में सबसे कम उम्र की राज्यमंत्री बनी थीं. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली NDA सरकार में वे सूचना एवं प्रसारण मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री रहीं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here