कोल माइनिंग 100 फीसदी और डिजिटल मीडिया में 26 फीसदी FDI की अनुमति।

केंद्र सरकार कोल माइनिंग और उसके सेल (Coal Mining & Sale) के लिए 100 फीसदी एफडीआई (FDI) को अनुमति देगी.

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केंद्र सरकार कोल माइनिंग और उसके सेल (Coal Mining & Sale) के लिए 100 फीसदी एफडीआई (FDI) को अनुमति देगी. साथ ही उससे जुड़े कामों, जैसे कोयला की ढुलाई आदि में भी 100 फीसदी की एफडीआई (FDI) को इजाजत दे दी जाएगी. मोदी सरकार की कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक के बाद यह जानकारी रेल और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीयूष गोयल ने कहा कि सबसे पहला बदलाव करते हुए कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरिंग में 100 फीसदी एफडीआई (FDI) की मंजूरी दी गई है. अब बाहर के लोग भारत में आकर अपना सामान बनवा सकते हैं.

पीयूष गोयल ने कहा कि कैबिनेट ने डिजिटल मीडिया (Digital Media) में सरकार की स्वीकृति के साथ 26 फीसदी एफडीआई (FDI) मंजूर की है. उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने सिंगल ब्रांड रिटेल सेक्टर में 30 प्रतिशत लोकल सोर्सिंग के नियमों को सरल करने का फैसला किया है.

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में 286 बिलियन डॉलर का एफडीआई (FDI) आया है. भारत को कम्पनियां मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बनाना चाहती हैं, लेकिन कानून में कुछ कठिनाइयां थीं जिन्हें आज काफी उदार किया गया है. इससे बड़ी मात्रा में विदेश से निवेश आएगा. इससे आर्थिक प्रगति भी बढ़ेगी. साथ ही बड़े रूप में युवाओं को रोजगार मिलेगा.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 75 A मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. इस पर 24 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस फैसले से 15 हजार 700 नई मेडिकल सीटें हो जाएंगी. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि ये सभी मेडिकल कॉलेज वहां बनेंगे, जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं. उन्होंने बताया कि पिछले पांच साल में एमबीबीएस और पीजी मिलकर 45 हजार सीटें बढ़ाई गई हैं और बीते पांच साल में 82 और अभी 75 नए कॉलेजों को मंजूरी मिली है. अभी तक मेडिकल एजुकेशन के लिए इतना बड़ा निर्णय नहीं हुआ है. सरकार के इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी. यह मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बनेगी.

जावड़ेकर ने कहा कि गन्ना किसानों को 60 लाख मीट्रिक टन चीनी निर्यात करने के लिए एक्सपोर्ट सब्सिडी देने का फैसला भी किया गया. इस पर 6268 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा. यह पैसा सीधे किसान के खाते में जाएगा. इससे किसानों का घाटा भी कम होगा. इसका फायदा लाखों किसानों को मिलेगा. वहीं, इंटरनेशनल कोलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी फैसला लिया गया है. कैपिसिटी बिल्डिंग और एक्सचेंज ऑफ इन्फॉरमेंशन जरूरी है. पीएम इस योजना को यूएन में जाकर लॉन्च करेंगे.

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