PM मोदी ने आकाश विजयवर्गीय के मामले पर नाराज़गी जाहिर की, कहा- यह स्वीकार नहीं।

BJP राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने नाराजगी जाहिर की है.

0
187

BJP राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें किसी भी तरह से स्वीकार नहीं हैं. पीएम मोदी ने यह बात बिना किसी का नाम लेते हुए भाजपा संसदीय दल की बैठक में कही.

भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी (RP Rudy) ने बताया, ‘प्रधानमंत्री बहुत नाराज थे. उन्होंने कहा कि बदसलूकी करने, पार्टी को बदनाम करने या सार्वजनिक रूप से अहंकार दिखाने का हक किसी के पास नहीं है. उन्होंने कड़े शब्दों में यह बात कही. साथ ही कहा कि ऐसी हरकतें स्वीकार नहीं है.’

वहीं, सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा कि चाहे किसी का बेटा हो, उसे पार्टी से निकाल देना चाहिए. इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि जिन्होंने भी उनके जेल से बाहर आने के बाद स्वागत किया है, उन्हें भी पार्टी से बाहर कर देना चाहिए. बता दें, कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारी को बैट से पीटने के मामले में अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय का बचाव किया था. उन्होंने कहा कि वह अभी ‘कच्चा खिलाड़ी’ है. साथ ही उन्होंने कहा था कि यह बड़ा मामला था नहीं, इसे बड़ा बनाया गया है.

पिछले सप्ताह आकाश विजयवर्गीय ने नगर निगम के अधिकारी को क्रिकेट के बैट के साथ पिटाई की थी. इसके बाद आकाश विजयवर्गीय को गिरफ्तार कर लिया गया था. गिरफ्तारी के बाद भोपाल की विशेष कोर्ट ने उन्हें शनिवार को जमानत दी और रविवार सुबह उन्हें जेल से रिहा किया गया. जेल से रिहा होने के बाद आकाश विजयवर्गीय का भव्य स्वागत किया गया था. घर पहुंचने के बाद उनके माथे पर टीका लगाया गया और मिठाई बांटकर खुशी मनाई गई. इतना ही नहीं, जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों ने इंदौर में भाजपा दफ्तर के बाहर फायरिंग करके भी जश्न मनाया था, जिस पर काफी विवाद हुआ.

इस पूरे मामले में पर कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे आकाश का बचाव करते हुए कहा, ‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. मुझे लगता है कि दोनों तरफ से ही बदसलूकी हुई है. आकाश जी और नगर निगम कमिश्नर दोनों ही कच्चे खिलाड़ी हैं. यह बड़ा मुद्दा नहीं था, इसे बड़ा बनाया गया. मुझे लगता है कि अधिकारियों को अहंकारी नहीं होना चाहिए, उन्हें जनप्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए. इस मामले में इसी चीज की कमी रही. यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह फिर से न हो, दोनों को समझना चाहिए.’

वहीं, बहुचर्चित बल्ला काण्ड के आरोपी भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने सोमवार को इल्जाम लगाया कि मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के रिश्तेदार इंदौर नगर निगम के अफसरों से सांठ-गांठ के जरिये जमीन पर कब्जा करने के लिये पुराने मकानों को बेवजह जर्जर घोषित कराते हुए तुड़वा रहे हैं. विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर इस आशय का आरोप लगाया. 34 वर्षीय भाजपा विधायक ने कहा, “मैंने सूबे के मुख्यमंत्री कमलनाथ को आवेदन भेजकर गुजारिश की है कि वह वर्मा के रिश्तेदारों और इंदौर नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत वाले कुछ मकान घोटालों की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश करें. मैं इस वीडियो के माध्यम से वर्मा को चुनौती देता हूं कि यदि उनमें दम हो, तो वह मेरी इस गुजारिश का लिखित समर्थन करें.”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here