कर्नाटक विकास के लिए अब तक 18 बजट पेश चुके हैं वजूभाई

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कर्नाटक के राजयपाल वजूभाई वाला ने कभी देश के पीएम मोदी के लिए गुजरात में अपनी विधानसभा सीट छोड़ी थी ताकि उस समय पीएम मोदी अपना पहला चुनाव लड़ सके। हलांकि कर्नाटक में ट्राइएंगल की स्थिति बनी हुई है और सरकार बनाए जाने पर विचार विमर्श जोरों शोरों पर चल रहा है। इससे पहले इन दोनों पक्षों के नेता मंगलवार शाम बेंगलुरु में राजभवन में वाला से मिले थे। मोदी के करीबी समझे जाने वाले 79 वर्षीय वाला राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पुराने स्वयंसेवक हैं और उनके नाम पर गुजरात के वित्त मंत्री के तौर पर 18 बजट पेश करने का रिकार्ड है।

बता दें भाजपा की गुजरात इकाई में संकट प्रबंधक की छवि अर्जित कर चुके वजूभाई 1990 के दशक के मध्य में तब प्रदेश पार्टी अध्यक्ष बनाया गया था जब शंकरसिंह वाघेला ने बगावत कर दी थी और केशुभाई पटेल सरकार गिर गई थी। गुजरात के वित्त मंत्री के रुप में 2002 से 2012 तक मोदी के बाद दूसरे नंबर पर थे। केशुभाई पटेल के दौर में भी उनका यही दर्जा था। जिसके बाद वजूभाई ने अपने गृह नगर राजकोट से आरएसएस के साथ अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। तब वह जनसंघ से जुड़े और आपातकाल में जेल में भी गए। साथ ही उन्होंने बताया कि जब वह 1980 के दशक में राजकोट के महापौर बने तब निम्न वर्षा के कारण उस क्षेत्र में पानी की भयंकर कमी हो गई थी। उन्होंने शहर के लोगों के वास्ते ट्रेन से पानी मंगवाया जो शायद पहली बार ऐसा हुआ था कि देश में पानी ले जाने के लिए ट्रेन की सेवा ली गई। वह ‘पानीवाला महापौर’ के तौर पर विख्यात हो गए। वजूभाई भाजपा के अहम चेहरों में एक के तौर पर उभरे।

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