सेमी हाई स्पीड ट्रेन ‘वनदे भारत एक्सप्रेस’ पहले ही दिन दोनों तरफ देर से पहुंची।

पहले दिन इस ट्रेन से इलाहाबाद से वाराणसी के बीच 117 यात्रियों ने सफर किया, जबकि इलाहाबाद से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या 657 रही।

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देश में निर्मित पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) की शुरुवात अच्छी नहीं रही। अपने पहले ही सफर में वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली से इलाहाबाद जंक्शन (Allahabad Junction) पहुंचने में 1.08 घंटे लेट हो गई। वापसी में वाराणसी से आने में भी ट्रेन 1.42 घंटे देर से पहुंची । इस वजह से यात्रियों को दिक्कत तो हुई लेकिन नई ट्रेन में सफर करने की चाह पूरी होने से अधिकांश के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी। ट्रेन में दोनों ही ओर से प्रतीक्षा सूची रही। आने वाले कई दिनों में ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास और चेयर कार में प्रतीक्षा सूची ही है।

दिल्ली से वंदे भारत एक्सप्रेस रविवार सुबह छह बजे चली। इस बीच दिल्ली और एनसीआर (Delhi NCR) में कोहरे की वजह से ट्रेन की स्पीड पर भी फर्क पड़ा। कानपुर पहुंचते-पहुंचते ट्रेन 1.12 घंटे लेट हो गई। इलाहाबाद जंक्शन पर भी ट्रेन दिन में 12.23 बजे की बजाय 1.31 बजे पहुंची। 1.35 बजे ट्रेन जंक्शन से प्रयाग के रास्ते वाराणसी के लिए रवाना हुई। वहां भी 1.25 घंटे की देरी से ट्रेन दिन में 3.25 बजे वाराणसी पहुंच सकी। उधर, वाराणसी से भी वंदे भारत दिन में तीन बजे की बजाय शाम 4.20 बजे चली, जो 1.42 घंटे की देरी से शाम 6.17 बजे जंक्शन पहुंची।

पहले दिन इस ट्रेन से इलाहाबाद से वाराणसी के बीच 117 यात्रियों ने सफर किया, जबकि इलाहाबाद से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या 657 रही। इसमें 67 यात्री एग्जीक्यूटिव क्लास और चेयरकार में 590 यात्री रवाना हुए। दिल्ली से इलाहाबाद पहुंचने पर वंदे भारत प्लेटफार्म नंबर पांच पर यहां चार मिनट तो वापसी में प्लेटफार्म नंबर छह पर कुल तीन मिनट रुकी। हालांकि ट्रेन का ठहराव यहां कम होने की वजह से कैटरिंग वाले वेंडर उतर नहीं सके। जबकि ऑटोमेटिक दरवाजे ट्रेन के निर्धारित ठहराव दो मिनट के बाद बंद हो जाने से चेकिंग स्टाफ को पीछे वाले कोच से चढ़ना पड़ा।

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