आसन संभालने के बाद हरिवंश के पहले संबोधन पर हंसी के ठहाकों से गूंज उठा सदन

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राज्यसभा के उपसभापति चुने जाने के बाद हरिवंश नारायण सिंह गुरुवार को जब पहली बार आसन संभालने पहुंचे तो उनके द्वारा बोली गई पहली लाइन से सदन हंसी के ठहाकों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुस्कुराते दिखे। दरअसल, दोपहर करीब 1 बजे वैंकैया नायडू अपनी सीट छोड़कर उठ रहे थे तभी उन्होंने हरिवंश को आमंत्रित किया। हरिवंश ने आसन पर पहुंचकर हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया और फिर पढ़ा, ‘सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है।’

इस पर प्रधानमंत्री ने भी मेज थपथपाई और हंसते हुए उठे। सदन भी हंसी के ठहाकों से गूंज उठा। इससे पहले अपने संबोधन के दौरान सदस्यों को आश्वस्त करते हुए नए उपसभापति हरिवंश ने कहा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘मैं सभापति, प्रधानमंत्री, नेता पक्ष, नेता विपक्ष, सभी पार्टियों के नेता और सदन के प्रत्येक सदन का धन्यवाद करता हूं। सबने मुझ पर भरोसा किया इसके लिए आभार।’ हरिवंश ने कहा कि डिबेट का इतिहास काफी पुराना है। ऐसे में हमें गांधी द्वारा राजनीतिक कार्यकर्ताओं को दिए गए संदेश को याद रखना होगा। उन्होंने कहा, ‘मैंने गरीबी देखी है, गंगा और घाघरा की बाढ़ देखी है। पेड़ के नीचे पढ़कर बड़ा हुआ हूं।’

आखिर में उन्होंने कहा, ‘मैं यकीन दिलाता हूं कि हम मिलकर सदन को निष्पक्ष और मर्यादित तरीके से चलाएंगे।’ इससे पहले प्रधानमंत्री ने हरिवंश के कार्यों का जिक्र करते हुए उनकी जमकर तारीफ की थी।

निरंजन कुमार

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