कांग्रेस छोड़ूंगा, भाजपा नहीं जाऊंगा – कैप्टन अमरेंद्र सिंह

सिंह ने एक बयान में कहा, ‘मैं भाजपा में शामिल नहीं हो रहा, लेकिन कांग्रेस छोड़ दूंगा। मैं ऐसी पार्टी में नहीं रह सकता, जहां मेरा अपमान हो और मुझ पर विश्वास न किया जाए।

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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को अपनी नयी राजनीतिक पारी शुरू करने का स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि वह अब कांग्रेस में नहीं रहेंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह भाजपा में शामिल नहीं होंगे। इस घोषणा के बाद उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल के परिचय से कांग्रेस का उल्लेख भी हटा दिया। उनकी इस घोषणा से स्पष्ट हो गया है कि वह आने वाले दिनों में कांग्रेस और भाजपा से इतर किसी तीसरे राजनीतिक दल के साथ जा सकते हैं या अपनी पार्टी बना सकते हैं। पंजाब में कुछ महीने बाद ही विधानसभा चुनाव है।

सिंह ने एक बयान में कहा, ‘मैं भाजपा में शामिल नहीं हो रहा, लेकिन कांग्रेस छोड़ दूंगा। मैं ऐसी पार्टी में नहीं रह सकता, जहां मेरा अपमान हो और मुझ पर विश्वास न किया जाए।’ उनके मुताबिक, वह अभी आगे के विकल्प की तलाश कर रहे हैं। सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े करते हुए दावा किया, ‘कांग्रेस नीचे की ओर जा रही है। वरिष्ठ नेताओं की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।’ कपिल सिब्बल के घर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘यह हमला किया गया, क्योंकि उन्होंने (सिब्बल ने) वह विचार प्रकट किए जो पार्टी नेतृत्व को खुश करने वाले नहीं थे। यह पार्टी के लिए ठीक नहीं है।’ उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब और भारत में पाकिस्तान से खतरे को जो लोग कमतर बता रहे हैं, वे राष्ट्र विरोधी लोगों के हाथों में खेल रहे हैं। पाक समर्थित तत्व हमारे जवानों को मार रहे हैं, वे ड्रोन से हमारे राज्य में हथियार पहुंचा रहे हैं। हम इस खतरे को कैसे नजरअंदाज कर सकते हैं?

दिल्ली से चंडीगढ़ लौटकर कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर हमले जारी रखते हुए कहा कि सिद्धू ने जिस तरह की स्थिति बनाई है, वैसी पहले कभी पंजाब ने नहीं देखी। एयरपोर्ट पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रियों या अधिकारियों को नियुक्त करना, हटाना या स्थानांतरित करना मुख्यमंत्री का काम है। पीसीसी अध्यक्ष का इससे क्या लेना-देना है? अमरेंद्र ने कहा, ‘मैं पहले ही कह चुका हूं कि सिद्धू पंजाब के लिए सही आदमी नहीं हैं। और जहां से भी वह चुनाव लड़ेंगे, मैं उन्हें जीतने नहीं दूंगा।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के एक दिन बाद अमरेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से भी मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, डोभाल के आवास पर करीब 30 मिनट तक उनकी बैठक चली। इसके बाद डोभाल गृह मंत्री शाह के आवास पर गये। सिंह के अनुसार, पंजाब से जुड़ी सुरक्षा संबंधी चिंता के चलते वह डोभाल से मिले।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा समेत ‘जी-23′ समूह के कई नेताओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के आवास के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन की निंदा करते हुए कहा कि इस ‘सुनियोजित उपद्रव’ में शामिल लोगों के खिलाफ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। आजाद ने ट्वीट किया, ‘मैं कपिल सिब्बल के घर के बाहर बीती रात हुए सुनियोजित उपद्रव की कड़ी निंदा करता हूं। वह एक वफादार कांग्रेसी हैं जो संसद के बाहर और भीतर पार्टी के लिए लड़ रहे हैं। किसी भी जगह से आने वाले सुझाव का स्वागत होना चाहिए, उसे दबाना नहीं चाहिए। उपद्रव अस्वीकार्य है।’

कांग्रेस ने अपने नेताओं गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल द्वारा कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की तत्काल बैठक बुलाने की मांग किए जाने के एक दिन बाद कहा कि सीडब्लयूसी की बैठक बहुत जल्द बुलाई जाएगी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि सीडब्ल्यूसी की बैठक बहुत जल्द बुलाई जाएगी।

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