World Boxing Championship – भारत को पहली बार रजत, फाइनल में अमित पंघाल हारे।

भारत के अमित पंघाल (Amit Panghal) रूस में खेली जा रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप (World Boxing Championship) के 52 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में हार गए हैं.

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World Boxing Championship – भारत के अमित पंघाल (Amit Panghal) रूस में खेली जा रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप (World Boxing Championship) के 52 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में हार गए हैं. फाइनल में अमित पंघाल ने उज्बेकिस्तान के शाखोबिदिन (Amit Panghal vs Shakhobidin Zoirov) जोइरोव के हाथों एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हार गए. लेकिन हार के बावजूद पंघाल ने इतिहास रच दिया और वह भारतीय मुक्केबाजी के इतिहास में वह रजत पदक जीतने वाले पहले मुक्केबाज बन गए. इसके अलावा यह पहला मौका है, जब भारत ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक रजत और एक कांस्य पदक के साथ समापन किया है. अमित के अलावा मनीष कौशिक ने कांस्य पदक जीता.

अमित (Amit Panghal) जिस फॉर्म में थे उससे उम्मीद थी कि वह भारत को इस टूर्नामेंट में पहला स्वर्ण दिलाएंगे लेकिन जोइरेव ने अपने बेहतरीन खेल से अमित को मात दी. अमित हालांकि पीछे नहीं रहे. उन्होंने उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी का जमकर सामना किया. उन्होंने शुरुआत उसी तरह की जिस तरह वो अमूमन करते हैं. डिफेंसिव होकर वह अपने विपक्षी को समझना चाह रहे थे. शुरुआती मिनट उन्होंने इसी तरह निकाले। जोइरेव भी अमित की गलती का इंतजार कर रहे थे.दोनों ने कुछ पंच भी लगाए. अमित के पंच सही जगह नहीं लगे जबकि जोइरेव ने राइट जैब का अच्छा इस्तेमाल कर कुछ सटीक पंच दिए.

दूसरे दौर में दोनों खिलाड़ी आक्रामक हो गए. अमित (Amit Panghal) थोड़ी जल्दबाजी में थे जिसका फायदा जोइरेव ने उठाया. उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी ने अमित से तय दूरी बनाकर चली और मौके मिलने पर काउंटर कर अंक लिए. अमित ने राउंड के आखिरी में बाएं जैब से सटीक पंच लगाए. तीसरे राउंड में दोनों खिलाड़ी और ज्यादा आक्रामक हो गए थे. इस दौर में कई बार दोनों पंच मारने के प्रयास में एक दूसरे से लिपट भी गए जिस पर रैफरी ने उन्हें चेताया.

Round के अंत में जोइरेव (Shakhobidin Zoirov) जल्दबाजी कर रहे थे, लेकिन उनके लिए अच्छी बात यह थी कि वह अमित को सही जगह मारने में सफल रहे.अमित ने भी आखिरी मिनटों में सतर्कता दिखाई और डिफेंस को मजबूत करते हुए पंच मारे, हालांकि यह एशियाई चैम्पियन के लिए काफी नहीं रहा और वह स्वर्ण से चूक गए.

इससे पहले शुक्रवार को अमित पंघाल (Amit Panghal) ने इतिहास रचते हुए शुक्रवार को प्रतियोगिता के 52 किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया था. उन्होंने कजाकिस्तान के साकेन बिबोसिनोव (Shakhobidin Zoirov) को 3-2 से हराया था. इस जीत के साथ अमित ने इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में रजत या स्वर्ण पदक जीतना सुनिश्चित कर लिया.

अमित विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज रहे. अमित से पहले चार भारतीय पुरुष मुक्केबाजों ने विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य जीता है, लेकिन अब उन्होंने रजत पदक जीतकर बॉक्सिंग की दुनिया में भारत के स्तर को और ऊंचा उठाते हुए इतिहास रच दिया है. उनसे पहले विजेंद्र सिंह ने 2009 में यह कारनामा किया था जबकि विकास कृष्णन ने 2011 और शिवा थापा ने 2015 में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था. इसके अलावा गौरव विधूड़ी ने 2017 में सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य जीता था लेकिन वह भारतीयों के पदक का रंग नहीं बदल सके थे.

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