योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नया-नया बना सपा-बसपा का गठबंधन ‘हौवा’ है।

पूर्व में भी प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस के लिए प्रचार कर चुकी हैं और इस बार भी इससे (भाजपा को) कोई फर्क नहीं पड़ेने वाला है।''

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) के राजनीति में प्रवेश करने से लोकसभा चुनावों में भाजपा की संभावनाओं पर राज्य में कोई असर नहीं पड़ेगा। योगी ने सपा—बसपा (SP-BSP) गठबंधन पर कहा कि यह गठबंधन पहले ही विवादों में उलझ चुका है। मुख्यमंत्री ने रविवार को चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद दिये पहले साक्षात्कार में पीटीआई-भाषा से कहा, ”कांग्रेस ने उन्हें (प्रियंका) इस बार पार्टी महासचिव (पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी) बनाया है। यह उस पार्टी (कांग्रेस) का अंदरूनी मामला है। पूर्व में भी वह कांग्रेस के लिए प्रचार कर चुकी हैं और इस बार भी इससे (भाजपा को) कोई फर्क नहीं पड़ेने वाला है।”

यह पूछने पर कि सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा की संभावनाओं पर कितना असर पड सकता है, योगी ने कहा कि नया-नया बना (सपा-बसपा) गठबंधन पहले ही विवादों में उलझ गया है। यह (गठबंधन) और कुछ नहीं बल्कि ‘हौवा’ है। वह सपा-बसपा में कुछ सीटों को लेकर हो रहे मनमुटाव की खबरों की ओर इशारा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने एयर स्ट्राइक, राम मंदिर और गो हत्या जैसे मुददों पर किये गये तमाम सवालों का जवाब दिया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आम चुनाव राष्ट्रीय स्तर के होते हैं, जहां राज्य स्तर के स्थानीय मुददों का कम ही असर होता है। उन्होंने कहा, ”जनता उसी व्यक्ति और पार्टी को वोट देती है, जिसके हाथ में देश सुरक्षित और समृद्ध है। वोटरों को इस बारे में भलीभांति पता है।” योगी ने कहा कि वर्तमान चुनाव भाजपा को स्वर्णिम अवसर देंगे और पार्टी विजय पताका फहराएगी।

नियंत्रण रेखा पर एयर स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश हित में जहां कहीं भी जब आवश्यकता पड़ी है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेबाक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने सभी दोषियों का सफाया कर दिया और भारत उन देशों की कतार में खडा हो गया, जो अपने दुश्मनों को करारा जवाब देने में सक्षम हैं।

योगी ने कहा कि यह एक कुशल और सक्षम नेतृत्व का परिचायक है। उन्होंने कहा, ”मोदी जी ने पूर्वोत्तर में (म्यांमार सीमा) उग्रवादियों के ठिकाने नष्ट करने के साथ शुरुआत की थी। उसके बाद उरी हमले के परिप्रेक्ष्य में कडे कदम उठाये, नियंत्रण रेखा पर स्थित आतंकी ठिकानों का एक बार में सफाया कर दिया।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उसके बाद एयर स्ट्राइक कर भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को अलग थलग कर दिया और दुनिया भर में अपनी कूटनीतिक शक्ति का अहसास कराया। उन्होंने कहा, ”हम कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत वैश्विक महाशक्ति बनकर उभरा है।” यह पूछने पर कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडे इन मुददों की क्या ग्रामीण क्षेत्रों में प्रासंगिकता होगी, जहां बडी तादाद में मतदाता हैं, योगी ने कहा कि समाज का हर वर्ग विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद जैसे मुददों पर जागरूक है।

इस सवाल पर कि बालाकोट एयर स्ट्राइक ने क्या अयोध्या के राम मंदिर मुद्दे को पीछे छोड़ दिया, योगी ने कहा कि बच्चा-बच्चा भगवान राम के महत्व को जानता है और उन्हें अपना आदर्श मानता है। उन्होंने कहा, ”हर कोई समृद्धि और सुरक्षा चाहता है।” योगी ने कहा कि जनता को अहसास हो गया है कि जो चीजें कांग्रेस, सपा, बसपा, राजद और टीएमसी जैसे दलों के लिए असंभव थीं, मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में संभव हो गयीं। उन्होंने कहा, ”जो पहले नामुमकिन था, वह आज मुमकिन है। मोदी है तो मुमकिन है।”

योगी को विश्वास है कि भाजपा ‘पीएम के नाम और काम’ की बदौलत लोकसभा चुनावों में देश भर में जबर्दस्त विजय पताका फहराएगी। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव में मोदी का ‘नाम’ था। अब 2019 में ‘नाम’ और ‘काम’ दोनों है। योगी ने विश्वास जताया कि भाजपा इस बार उत्तर प्रदेश में 74 से अधिक सीटों पर विजय हासिल करेगी। कुल 80 लोकसभा सीटों में से भाजपा ने पिछले चुनाव में 71 और उसकी सहयोगी अपना दल (एस) ने दो सीटें जीतीं थीं।

इस सवाल पर कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ के हाल के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने भाजपा का समर्थन क्यों नहीं किया, योगी ने कहा कि जिन राज्यों में कोई पार्टी विशेष लंबे समय से सत्ता में रहती है, 15 वर्ष तक, तो कुछ सत्ता विरोधी कारक सामने आते हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में भाजपा की वोट हिस्सेदारी बढ़ी है। प्रतिकूलताओं के बावजूद पार्टी ने राजस्थान में अच्छा प्रदर्शन किया। उक्त तीनों राज्यों में हम लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेंगे क्योंकि विधानसभा चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं, जबकि लोकसभा चुनाव पूरे देश का चुनाव होता है।

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